सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उपेक्षाओं की कमी के बावजूद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व एकदिवसीय मैचों में कुछ सफलता जरूर हासिल की लेकिन आईसीसी विश्व महिला टी-20 चैंपियनशिप में वेस्टइंडीज से हार कर बाहर हो जाने से निराशा हुई. सुकून देने वाली बात यह है कि खिलाडि़यों का आत्मविश्वास बढ़ा है. बीसीसीआई ने महिला क्रिकेटरों के लिए वार्षिक अनुबंध की व्यवस्था शुरू कर दी. यह अलग बात है कि पुरुष खिलाडि़यों को जितना पैसा मिलता है उतना महिला खिलाडि़यों को नहीं मिलता.

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