फूलों और पौधों की खुशबू व हरियाली उन्हें खूब भाती है. रोज के कामकाज से निबट कर वे अपने बगीचे में चली जाती हैं. फूलों और पौधों के बीच समय गुजारना व उन की नियमित रूप से सेवा करना उन की रोज की दिनचर्या में शामिल है. सुबह हो या दोपहर, शाम हो या रात, जब भी मौका मिलता है वे अपने बगीचे में पहुंच जाती हैं. कई खूबसूरत फूलों और सजावटी पौधों की किस्में उन के बगीचे में चार चांद लगा रही हैं, जिन्हें उन्होंने बड़े ही जतन और सलीके से सजायासंवारा है. उन के बगीचे में 300 से ज्यादा कलात्मक गमले हैं और सैकड़ों पौधों को जमीन में क्यारी बना कर लगाया गया है.

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