बिहार में सोन नदी के दियारा इलाके में बालू माफिया की करतूत देख कर साफ हो जाता है कि उसे पुलिस का कोई खौफ ही नहीं है. दियारा के आसपास के इलाकों के लोग फौजी और सिपाही नाम से मशहूर 2 गिरोहों का साथ देते हैं. मनेर के दियारा इलाके की एक बड़ी खासीयत यह है कि वहां के तकरीबन हर घर में एक फौजी है. फौज में रहने के दौरान उन की पोस्टिंग जब जम्मू व कश्मीर में होती है, तो वे वहां अपने नाम से राइफल या बंदूक का लाइसैंस जारी करा लेते हैं और दियारा इलाके में बालू के गैरकानूनी खनन में लगे अपराधी गिरोहों को ढाईतीन हजार रुपए के मासिक किराए पर दे देते हैं.

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