बौलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन के साथ इन दिनों जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए एक कवि की कविता की कुछ पंक्तिया याद आ रही हैं-‘‘एक फूल काफी है अर्थी सजाने को, एक भूल काफी है जिंदगी भर रूलाने को. ’’जी हां! लगभग 14 साल के संघर्ष के बाद नवाजुद्दीन का करियर तेजी से सफलता की ओर दौड़ रहा था. 2017 में उनकी एक नहीं बल्कि ‘मौम’,‘रईस’,‘जग्गा जासूस’,‘मुन्ना माइकल’ और ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ सहित पांच फिल्में प्रदर्शित हुई.

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