Husband Wife Relationship: मेरी शादी को 3 साल हो चुके हैं. मेरे पति बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन घर का कोई भी छोटाबड़ा फैसला अपनी मां से पूछे बिना नहीं लेते. हम दोनों कहीं घूमने जाएं, कोई सामान खरीदें या भविष्य की योजना बनाएं, हर बात में पहले उन की मां की राय आती है. मुझे सास से कोई शिकायत नहीं, लेकिन कई बार लगता है कि मेरी राय की कोई अहमियत ही नहीं है. इस वजह से मन में दूरी बढ़ती जा रही है. क्या मैं गलत सोच रही हूं?

आप की भावना बिलकुल समझी जा सकती है. शादी के बाद हर पत्नी चाहती है कि जीवन से जुड़े फैसलों में उस की राय भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण हो जितनी परिवार के दूसरे सदस्यों की. ऐसे में यदि हर निर्णय से पहले पति केवल अपनी मां की सलाह लें तो उपेक्षित महसूस होना स्वाभाविक है. लेकिन इस का यह अर्थ भी नहीं कि आप के पति आप से प्रेम या सम्मान नहीं करते. कई बार यह आदत बचपन से बने पारिवारिक माहौल का हिस्सा होती है.

यह भी सकारात्मक बात है कि आप ने अपनी सास के प्रति कोई नाराजगी व्यक्त नहीं की. इस से स्पष्ट है कि आप की परेशानी किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि निर्णय लेने के तरीके से है. इसलिए इस मुद्दे को पति और सास के रिश्ते की प्रतिस्पर्धा बनाने के बजाय पतिपत्नी के संवाद का विषय बनाइए. किसी शांत समय पर अपने पति से बिना आरोप लगाए अपनी भावनाएं साझ करें.

यह भी स्वीकार करना चाहिए कि बड़े पारिवारिक फैसलों में मातापिता की सलाह लेना गलत नहीं है. उन के अनुभव कई बार उपयोगी साबित होते हैं लेकिन पतिपत्नी से जुड़े निजी निर्णय, जैसे घूमने की योजना, आर्थिक प्राथमिकताएं, भविष्य की तैयारी या अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े विषय आदि सब से पहले आप दोनों के बीच तय होने चाहिए. उस के बाद, यदि जरूरत महसूस हो तो परिवार की राय ली जा सकती है. Husband Wife Relationship

अपने पति को यह एहसास दिलाइए कि आप उन की मां की जगह लेना नहीं चाहतीं, बल्कि जीवनसाथी के रूप में बराबरी से उन के साथ चलना चाहती हैं.

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