Family Budget: मेरी उम्र 40 वर्ष है. मैं गृहिणी हूं. मेरे पति अच्छी कमाई करते हैं, लेकिन महीने के अंत तक पैसे कम पड़ जाते हैं. समझ नहीं आता कि पैसा कहां खर्च हो जाता है. कोई व्यावहारिक सलाह दें.

अकसर इस की वजह कम कमाई नहीं, बल्कि बिना योजना के होने वाले छोटेछोटे खर्च होते हैं, जो धीरेधीरे बड़ा रूप ले लेते हैं.

सब से पहले, पूरे महीने के हर खर्च का हिसाब लिखना शुरू करें. चाहे वह 20 रुपए की चाय हो, औनलाइन मंगाया गया कोई सामान या बच्चों की छोटीमोटी खरीदारी- हर खर्च नोट करें. केवल एक महीने का यह रिकौर्ड ही आप को बता देगा कि पैसा वास्तव में कहां जा रहा है.

इस के बाद परिवार का मासिक बजट बनाइए. घर का किराया या ईएमआई, राशन, बिजलीपानी, बच्चों की पढ़ाई, दवा, यात्रा और बचत जैसी जरूरी मदों के लिए पहले से राशि तय कर दें. कोशिश करें कि वेतन मिलते ही सब से पहले बचत की रकम अलग खाते या निवेश में डाल दी जाए. जो बच जाता है, उसी में पूरे महीने का खर्च चलाने की आदत डालें.

आजकल औनलाइन शौपिंग, फूड डिलीवरी और डिजिटल पेमैंट के कारण खर्च का एहसास भी कम होता है. इसलिए कोई भी गैरजरूरी सामान खरीदने से पहले खुद से एक सवाल जरूर पूछें, ‘क्या यह मेरी जरूरत है या सिर्फ उस समय की इच्छा?’ कई बार 24 घंटे का इंतज़ार अनावश्यक खर्च से बचा लेता है.

यदि संभव हो तो सप्ताह में एक दिन पति के साथ बैठ कर घर की आर्थिक स्थिति पर खुल कर चर्चा करें. जब पतिपत्नी एक टीम की तरह वित्तीय निर्णय लेते हैं तो बजट पर टिके रहना आसान हो जाता है. Family Budget

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