Crime Story: यह कहानी प्रेम, विश्वास, संदेह और उसके दुखद परिणाम की मार्मिक दास्तान है. पुणे के वारजे क्षेत्र में रहने वाले समीर जाधव और अंजलि एकदूसरे से बेहद प्रेम करते थे. अंजलि एक निजी स्कूल में शिक्षिका थी, जबकि समीर औटोमोबाइल का डिप्लोमा करने के बाद अपना छोटा सा गैरेज चलाता था. दोनों ने वर्ष 2017 में प्रेम विवाह किया था. उनका घर भले ही छोटा था, लेकिन उस में प्रेम, अपनापन और खुशियां भरी थीं. समय बीतने के साथ उनके दो बच्चे हुए और जिम्मेदारियां बढ़ती चली गईं. अंजलि बच्चों और नौकरी में व्यस्त रहने लगी, जबकि समीर अपने काम में डूब गया. धीरेधीरे दोनों के बीच बातचीत कम होने लगी और रिश्ते में खामोशी घर करने लगी.
एक दिन समीर ने अंजलि के मोबाइल पर उस के पुराने परिचित सतेज पाटिल का एक सामान्य सा मैसेज देखा. मैसेज में केवल तनाव के समय बात करने के लिए धन्यवाद लिखा था, लेकिन समीर के मन में संदेह पैदा हो गया. अंजलि ने कई बार उसे समझाने की कोशिश की कि उन के बीच कोई अनुचित संबंध नहीं है, फिर भी समीर का शक बढ़ता गया. वह हर छोटी बात में धोखा देखने लगा. अंजलि चुपचाप सब सहती रही, क्योंकि वह अपने परिवार और बच्चों को टूटने नहीं देना चाहती थी.
समीर का संदेह धीरेधीरे जुनून में बदल गया. उस ने किसी से कुछ नहीं कहा, बल्कि गोलवाड़ी इलाके में एक गोदाम किराए पर लिया. वहां उस ने लोहे की भट्टी बनाई और महीनों तक हत्या की तैयारी करता रहा. बाहर से वह सामान्य दिखाई देता था, लेकिन भीतर प्रतिशोध की आग धधक रही थी.
फिर एक दिन योजना के अनुसार उस ने बच्चों को उन की ननिहाल भेज दिया और शाम को अंजलि से कहा कि वे घूमने चलें तथा नया गोदाम भी देख लें. अंजलि को लगा कि शायद उन के रिश्ते में आई दूरियां समाप्त हो रही हैं. वह खुशीखुशी उसके साथ चली गई. गोदाम पहुंचने पर समीर ने पीछे से उस का गला दबा कर हत्या कर दी. अंजलि ने अपनी जान बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन कुछ ही मिनटों में उस की सांसें थम गईं. इस के बाद समीर ने पहले से तैयार भट्टी में उस की लाश जला दी, राख और अस्थियों के अवशेष नदी में बहा दिए तथा भट्टी को तोड़ कर उस का सामान कबाड़ में बेच दिया, ताकि कोई सबूत न बचे.
2 दिन बाद समीर थाने पहुंचा और पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. वह रोज थाने जा कर पत्नी के बारे में पूछने का नाटक करता रहा, लेकिन उस का अस्वाभाविक व्यवहार पुलिस को संदिग्ध लगा. जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिन में समीर और अंजलि साथ जाते दिखाई दिए, जबकि लौटते समय समीर अकेला था. यही सब से महत्वपूर्ण सुराग बना.
कड़ी पूछताछ के दौरान समीर बारबार अपने बयान बदलता रहा. अंततः पुलिस के मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे वह टूट गया और उस ने हत्या की पूरी साजिश स्वीकार कर ली. उस की निशानदेही पर गोदाम और नदी से राख तथा अन्य अवशेष बरामद किए गए. फोरैंसिक जांच में मानव अस्थियों की पुष्टि होने के बाद अपराध पूरी तरह सिद्ध हो गया.
यह घटना बताती है कि संवादहीनता, अविश्वास और संदेह किसी भी रिश्ते को भीतर से खत्म कर सकते हैं. अंजलि केवल अपने पति का विश्वास और थोड़ासा अपनापन चाहती थी, जबकि समीर अपने संदेह पर काबू नहीं रख सका और उस ने अपने ही परिवार को उजाड़ दिया. हत्या पहले हथियार से नहीं, बल्कि मन में जन्म लेती है, इसलिए हर रिश्ते की सब से बड़ी ताकत प्रेम, विश्वास और खुला संवाद है. Crime Story
लेखिका – स्नेह सिंह
लंबी कहानी मनोहर कहानियां के अगस्त अंक में पढ़ें.





