Relationship Confusion: मैं 25 साल की हूं. बौयफ्रैंड और मेरे बीच अच्छी बौन्डिंग है. एकदूसरे से बातें शेयर करना, मिलनाजुलना और एकदूसरे के लिए हमेशा उपस्थित रहते हैं लेकिन एक बात मु झे काफी परेशान करती है कि वह मु झ से शादी नहीं करना चाहता. उस का कहना है कि उस के घर वाले लव मैरिज के लिए नहीं मानेंगे. हालांकि उस का कहना है कि वहमु झ से प्यार करता है, लेकिन शादी के लिए कभी हामी नहीं भरता. रिलेशनशिप की शुरूआत में ही उस ने मु झे आगाह कर दिया था लेकिन अब हम इस रिलेशनशिप में काफी आगे बढ़ चुके हैं. मु झे उस से अटैचमैंट हो चुकी है. क्या करूं?
आप जिस स्थिति में हैं वह बहुत कौमन है. यह स्थिति अंदर से काफी उल झन और दर्द देने वाली भी होती है. सब से पहले एक बात साफ सम झ लीजिए, आप का रिश्ता भले ही प्यार, केयर और अटैचमैंट से भरा हो लेकिन अगर उस के अंत में दोनों के लक्ष्य अलग हैं तो यह आगे चल कर आप को ही ज्यादा चोट पहुंचा सकता है.
आप के बौयफ्रैंड ने शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि वह शादी नहीं करेगा, यानी उस ने अपनी सीमा पहले ही तय कर दी थी. इस का मतलब यह नहीं कि वह आप से प्यार नहीं करता, लेकिन उस का प्यार आप की उम्मीदों जैसा नहीं है. यहां सब से बड़ा सवाल यह है कि आप क्या चाहती हैं? अगर आप इस रिश्ते को शादी तक ले जाना चाहती हैं तो आप को खुद से ईमानदारी से बात करनी होगी.
अटैचमैंट होना नैचुरल है. सिर्फ अटैचमैंट के कारण ऐसे रिश्ते में बने रहना जहां भविष्य साफ नहीं है, आप को धीरेधीरे इमोशनली थका सकता है. आज आप को लगता है कि वह अच्छा इंसान है, आप को सम झता है, लेकिन कुछ वर्षों बाद जब वह किसी और से शादी करेगा या यह रिश्ता खत्म होगा, तब यह दर्द कई गुना बढ़ सकता है.
आप के पास 2 रास्ते हैं- पहला, आप इस रिश्ते को वैसे ही स्वीकार करें जैसा यह है यानी बिना शादी की उम्मीद के. लेकिन इस के लिए आप को अपने दिल को तैयार करना होगा कि आगे चल कर यह रिश्ता खत्म भी हो सकता है. दूसरा, आप अपने भविष्य और इमोशनल जरूरतों को प्राथमिकता दें. अगर शादी आप के लिए जरूरी है तो आप को हिम्मत कर के इस रिश्ते से बाहर आने के बारे में सोचना चाहिए, भले ही यह अभी मुश्किल लगे. आखिर में, प्यार सिर्फ साथ बिताए गए अच्छे समय का नाम नहीं है, बल्कि एक सिक्योर और क्लियर फ्यूचर का भी नाम है. आप किसी ऐसे इंसान की हकदार हैं जो सिर्फ आप से प्यार ही नहीं करे, बल्कि आप को अपने जीवन का स्थायी हिस्सा भी बनाना चाहे.
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मेरा बौयफ्रैंड मुझे ले कर बहुत पजैसिव हो गया है
मैं 23 साल की हूं, पिछले 2 वर्षों से रिलेशनशिप में हूं. शुरुआत में सब बहुत अच्छा था, लेकिन अब मेरा बौयफ्रैंड मु झे ले कर बहुत पजैसिव हो गया है. वह मेरे दोस्तों से मिलने पर सवाल करता है, फोन चैक करना चाहता है और बारबार लोकेशन पूछता है. अगर मैं देर से रिप्लाई करूं तो गुस्सा हो जाता है. वह कहता है कि यह सब वह मेरे प्यार में करता है, लेकिन मु झे घुटन महसूस होने लगी है. मैं उसे खोना भी नहीं चाहती, लेकिन ऐसे रिश्ते में रहना भी मुश्किल हो रहा है.
प्यार और कंट्रोल में बहुत फर्क होता है. शुरुआत में पजैसिवनैस केयर जैसी लग सकती है, लेकिन जब यह आप की आजादी छीनने लगे तो यह एक रैड फ्लैग बन जाता है. सब से पहले आप को अपने बौयफ्रैंड से खुल कर बात करनी होगी. उसे शांत तरीके से सम झाएं कि उस का यह बिहेवियर आप को असहज करता है और इस से आप का भरोसा कमजोर हो रहा है. रिलेशनशिप में ट्रस्ट सब से जरूरी होता है. अगर हर बात पर शक और कंट्रोल रहेगा तो रिश्ता धीरेधीरे दम तोड़ने लगेगा. आप को अपने पर्सनल स्पेस की जरूरत है और यह बिलकुल गलत नहीं है. अगर बात करने के बाद भी उस का बिहेवियर नहीं बदलता तो आप को थोड़ा सख्त कदम उठाना पड़ेगा. अपनी सीमाएं तय करें- क्या आप को स्वीकार है और क्या नहीं. अगर वह उन सीमाओं का सम्मान नहीं करता तो यह सोचने की जरूरत है कि क्या आप ऐसे रिश्ते में लंबे समय तक खुश रह पाएंगी. सही प्यार आप को आजादी देता है, डर या दबाव नहीं.
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मेरी गर्लफ्रैंड इमोशनली बहुत दूर रहती है
मैं 26 साल का हूं और मेरी रिलेशनशिप करीब डेढ़ साल से चल रही है. मेरी गर्लफ्रैंड अच्छी इंसान है, वह मेरा खयाल रखती है, लेकिन वह इमोशनली बहुत दूर रहती है. जब भी मैं अपनी फीलिंग्स शेयर करना चाहता हूं, वह बात को टाल देती है या मजाक में बदल देती है. वह अपने मन की बातें भी कभी शेयर नहीं करती. इस वजह से मु झे अकेलापन महसूस होता है, जैसे मैं इस रिश्ते में अकेला ही कोशिश कर रहा हूं.
इमोशनल कनैक्शन किसी भी रिश्ते की नींव होता है. अगर आप की पार्टनर अपनी फीलिंग्स शेयर नहीं करती तो इस का मतलब यह नहीं कि वह आप को प्यार नहीं करती. कई लोग स्वभाव से ही अपनी भावनाएं व्यक्त करने में कमजोर होते हैं. सब से पहले आप को उसे जज करने के बजाय सम झने की कोशिश करनी चाहिए. उस से आराम से बात करें और बताएं कि आप को उस के साथ इमोशनल कनैक्शन की जरूरत है. उसे यह महसूस कराएं कि अपनी फीलिंग्स शेयर करना कमजोरी नहीं, बल्कि रिश्ते को मजबूत बनाने का तरीका है.
आप खुद भी अपनी बातें शेयर करते रहें ताकि उसे धीरेधीरे खुलने में सहजता महसूस हो लेकिन अगर लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी वह बिलकुल नहीं बदलती और आप को लगातार खालीपन महसूस होता है तो आप को अपने बारे में सोचना होगा.
रिश्ता सिर्फ साथ रहने का नाम नहीं है, बल्कि एकदूसरे को सम झने व महसूस करने का भी है. अगर आप को लगातार इमोशनल सपोर्ट नहीं मिल रहा तो यह आप की जरूरतों के खिलाफ है. ऐसे में अपने मन की शांति और खुशी को प्राथमिकता देना जरूरी है. , Relationship Confusion
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