प्रकृति की गोद में बसा हुआ छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है. देश का हृदय स्थल होने के कारण छत्तीसगढ़ अनेक ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक दर्शनीय स्थलों, वन्यजीवन और आदिवासी मिश्रित पारंपरिक समृद्ध संस्कृति से लबरेज है. हाल ही में  प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर एवं उन्नति की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़ के नया रायपुर के दक्षिणी छोर पर खंडवा गांव के नजदीक ‘नंदनवन जंगल सफारी’ को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया. एशिया के सब से बड़े मानव निर्मित जंगल सफारी में वे सभी वन्यजीव हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग अकसर चिडि़याघर जाया करते हैं. जंगल सफारी में ‘बाघ सफारी’ (टाइगर सफारी), भालुओं की ‘बीयर सफारी’  और ‘लायन सफारी’ का रोमांचकारी अनुभव लिया जा सकता है. नया रायपुर में करीब 800 एकड़़ के क्षेत्र में 200 करोड़ रुपए की लागत से यह मानव निर्मित जंगल सफारी बनी है. इस में वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण मुहैया कराया गया है.

नया रायपुर के दक्षिणी छोर पर खंडवा गांव के नजदीक लगभग 203 हैक्टेयर के विशाल क्षेत्रफल में बना यह जंगल सफारी एशिया महाद्वीप का सब से बड़ा मानव निर्मित जंगल सफारी होगा, जिसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्राकृतिक मनोरंजन स्थल के साथसाथ राज्य में वन्यप्राणी अनुसंधान के रूप में भी विकसित किया जाएगा. इस सफारी में बहुमूल्य वन संपदा के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के वन्यजीवन का प्रतिरूप देखने को मिलेगा.

 इस जंगल सफारी में शेर, बाघ समेत सांभर, चीतल, कोटरी, नीलगाय, काला हिरण जैसे वन्यजीवों को निर्भय हो कर अपने इलाके में विचरण करते देखने का आनंद लिया जा सकता है. इस के लिए बंद गाडि़यों की पर्याप्त व्यवस्था है. इस जंगल सफारी के विशाल हरेभरे प्राकृतिक पर्यावरण में पर्यटकों और पर्यावरण प्रेमियों को एक अद्भुत वातावरण मिलेगा. जंगल सफारी के बनने से राज्य में न केवल पर्यावरण संरक्षण और सुरम्य वातावरण का निर्माण होगा, बल्कि वन पशुओं के साथ नजदीकी का एहसास भी होगा.

सफारी भ्रमण के लिए जंगल सफारी 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा. टिकट जंगल सफारी में स्थित काउंटर से प्रात: 9 बजे से लिया जा सकता है. टिकट काउंटर  से आगामी 10 दिनों तक का सफारी भ्रमण के लिए टिकट लिया जा सकेगा. पर्यटकों के लिए जंगल सफारी सोमवार को बंद रहेगा. जंगल सफारी भ्रमण के लिए एसी व नौन एसी वाहनों के भी इंतजाम किए गए हैं.           

कैसे जाएं

छत्तीसगढ़ देश के सभी प्रमुख नगरों से सड़कमार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है. यह रेलमार्ग द्वारा विशाखापट्टनम, हावड़ा, इलाहाबाद व मुंबई से जुड़ा है. अगर आप हवाईजहाज से यात्रा करते हैं तो नागपुर, दिल्ली, मुंबई व भुवनेश्वर आदि से रायपुर के लिए उड़ानें सुलभ हैं.

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