जब कभी इश्क
प्यार की बात करो
न कभी
जीत हार की बात करो

दो घड़ी ये
मिलन की हमारे लिए
कीमती हैं
दीदार की बात करो

डर गए तो
गए इस जमाने से हम
अब चलो
आरपार की बात करो

संग मिल के सनम
खाई थी जो कसम
वक्त है इकरार की
बात करो.

– विनीत

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