जब से मेरे बचपन के दोस्त आम से खास हुए हैं, अपना सीना बिना फुलाए 40 से 60 हो गया है. अब तो न चाहते हुए भी उन से गाहेबगाहे काम पड़ता ही रहता है. कभी पानी नल में न आने पर कमेटी वालों को उन का फोन करवाने जाना पड़ता है, तो कभी बिजली न आने पर.

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