विज्ञान कोना

विज्ञान की रोचक व अनोखी दुनिया के दिलचस्प पहलू.

प्रतिनिधि. | December 17, 2015

लौह तत्त्व और अल्जाइमर्स

वैसे तो लौह तत्त्व स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है क्योंकि यह उस तंत्र का हिस्सा है जो शरीर की कोशिकाओं को औक्सीजन पहुंचाता है. मगर हाल में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि मस्तिष्क में बहुत अधिक लौह तत्त्व हो तो अल्जाइमर्स नामक रोग का खतरा बढ़ जाता है. आस्ट्रेलिया के मेलबोर्न विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 7 वर्षों तक ऐसे 114 लोगों का अध्ययन किया जिन में स्मृति भ्रंश (याददाश्त कमजोर होने) के हलकेफुलके लक्षण नजर आने लगे थे. उन के मस्तिष्क में लौह का स्तर जानने के लिए उन के सेरेब्रो स्पाइनल लिक्विड (वह तरल पदार्थ जो मस्तिष्क और मेरुरज्जु में भरा होता है) में एक प्रोटीन फेरिटिन का मापन किया गया. फेरिटिन वह प्रोटीन है जो लौह तत्त्व से जुड़ता है. अध्ययन के शुरू में जिन व्यक्तियों के सेरेब्रो स्पाइनल लिक्विड में अधिक फेरिटिन था, उन में अल्जाइमर्स की शुरुआत भी पहले हुई थी.

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गीतांजलि | October 26, 2015

ऐजर स्किन को बायबाय

अगर आप अधिक गुस्सैल, नींद न आने की समस्या जैसे मानसिक विकारों या खानपान संबंधी रोग या मादक द्रव्यों के सेवन से जुड़े हैं तो आप मानसिक बीमारी  यानी पोस्ट ट्रौमेटिक स्ट्रैस डिसऔर्डर-पीटीएसडी से पीडि़त हो सकते हैं. यह डिसऔर्डर आप को समय से पहले बूढ़ा भी बना सकता है. जी हां, सैन डिआगो स्थित यूनिवर्सिटी औफ कैलिफोर्निया में हुए अध्ययन से यह बात सामने आई है कि अगर आप पीटीएसडी से ग्रस्त हैं तो जल्दी बूढ़े दिखने लगेंगे. यह शोध अपनी तरह का पहला शोध है. हालांकि निष्कर्ष में यह बात जाहिर नहीं होती कि समय से पहले बुढ़ापे के लिए डिसऔर्डर ही जिम्मेदार है.

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