मंगल ग्रह की धरती पर जीवन के क्रमिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका को ले कर विज्ञान जगत में हमेशा से शोध होते रहे हैं. इसी क्रम में भारत ने भी कदम बढ़ाते हुए इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत 5 नवंबर को अपना यान मंगल ग्रह पर भेजा. 460 करोड़ रुपए की लागत से तैयार भारत का 1,350 किलोग्राम का रोबोटिक उपग्रह लाल ग्रह की 2 हजार लाख किलोमीटर की 10 महीने की यात्रा पर रवाना हुआ. इस में 5 खास उपकरण मौजूद हैं जो मंगल ग्रह के बारे में अहम जानकारियां जुटाने का काम करेंगे. इस मंगल अभियान का मुख्य उद्देश्य वहां जीवन की संभावनाओं की तलाश करना बताया जा रहा है.

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