‘‘कल देर से आऊंगा, विभा. 3 साल पहले चंडीगढ़ से अवस्थीजी आए थे, वे वापस जा रहे हैं ब्रांच मैनेजर बन कर. उन का विदाई समारोह है,’’ विपिन ने सोने से पहले बताया.

‘‘यह तो बड़ी खुशी की बात है. बहुत खुश होंगे अवस्थीजी.’’

‘‘हां, खुश भी और परेशान भी.’’ विभा ने भवें चढ़ाईं, ‘‘परेशान क्यों?’’

Tags:
COMMENT