27अक्तूबर, 2018 की बात है. उस दिन करवाचौथ का त्यौहार था. सुहागिन महिलाओं का यह सब से बड़ा त्यौहार होता है. इस व्रत में अन्न तो दूर पानी तक नहीं पीया जाता. दीपिका ने अपने पति विक्रम सिंह चौहान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था. इसलिए दीपिका ने सुबह से न तो पानी पीया और न ही कुछ खाया. हालांकि दीपिका को इस तरह के व्रत की ज्यादा आदत नहीं थी, लेकिन फिर भी वह सामाजिक रीतिरिवाजों को तोड़ना नहीं चाहती थी.

आजकल फिल्मों और टीवी सीरियलों के साथ बाजारीकरण ने करवाचौथ को पूरी तरह ग्लैमराइज कर फेस्टिवल का रूप दे दिया है. आधुनिक विचारों के पुरुष भी आजकल पत्नी के साथ करवाचौथ का व्रत रखते हैं.

दीपिका ने उस दिन अपने तरीके से सजनेसंवरने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. शृंगार करने के साथ उस ने शिफान की नई कीमती साड़ी पहनी. घर में रखे आभूषणों में से नेकलेस और एकदो अन्य जेवर भी पहने.

हालांकि दीपिका करीब 32 साल की हो गई थी, लेकिन शृंगार करने से उस की उम्र 25 साल से ज्यादा की नहीं लग रही थी. सजसंवर कर दीपिका ने दीवार पर लगे आदमकद आईने में खुद को निहारा. फिर होंठों पर लिपस्टिक लगाते हुए अपने रूपसौंदर्य को देख कर मन ही मन मुसकरा उठी.

सजनेसंवरने के बाद दीपिका ने पति विक्रम को फोन मिलाया, ‘‘डियर, आज जल्दी घर आ जाना. आज मैं ने तुम्हारे लिए व्रत कर रखा है. रात को चांद निकलने के बाद तुम्हारे हाथ से पानी पी कर ही व्रत खोलूंगी.’’

विक्रम ने दीपिका को भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘‘डोंट वरी, मैं जल्दी घर आ जाऊंगा. अच्छा, यह बताओ तुम्हारे लिए बाजार से क्या लाऊं?’’

‘‘मुझे कुछ नहीं चाहिए. बस आज तुम जल्दी आ जाओ, यही काफी है.’’ दीपिका ने कहा और फोन डिसकनेक्ट कर दिया.

पत्नी के कहने के बाद भी विक्रम उस दिन शाम 7 बजे के बाद ही घर आया. जब वह घर पहुंचा तो उस के मातापिता भी वहां आए हुए थे, जो गुड़गांव की ही अंसल वैली में रहते थे.

विक्रम घर आ कर फ्रैश हुआ. इस के बाद उस के मातापिता ने उसे समझाया कि वह दीपिका को तलाक देने की सोचे भी नहीं. साथ ही यह भी कहा कि वह शेफाली भसीन से संबंध तोड़ ले.

दरअसल, विक्रम का शेफाली नाम की एक महिला से चक्कर चल रहा था. उसी के लिए वह पत्नी दीपिका को तलाक देने की जिद पर अड़ा हुआ था. इस बीच दीपिका भी वहीं बैठी चुपचाप उन की बातें सुनती रही.

मातापिता के काफी समझाने पर भी विक्रम दीपिका से तलाक लेने की जिद कर रहा था. जब विक्रम नहीं माना तो थकहार कर उस के मातापिता भी अपने फ्लैट पर चले गए.

विक्रम सिंह चौहान और दीपिका गुड़गांव में डीएलएफ फेज-1 इलाके में स्थित अंसल वैली व्यू सोसायटी के टावर-3 में आठवीं मंजिल पर रहते थे. विक्रम एक निजी कंपनी स्काइलार्क में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर नौकरी करता था.

दीपिका साइबर हब गुड़गांव में निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत थी. विक्रम और दीपिका के 2 बच्चे थे. करीब 4 साल की बड़ी बेटी और 5 महीने का छोटा बेटा.

उस रात उत्तर भारत में चांद उगने का समय लगभग 8 बज कर 6 मिनट था, लेकिन आसमान में बादल छाने और धुंध का असर होने के कारण काफी देर तक चांद नजर नहीं आया. बाद में जब चांद दिखाई दिया तो दीपिका ने छलनी से चांद के दर्शन किए और अर्घ्य दिया. इस के बाद छलनी से उस ने पति विक्रम का अक्स देखा

फिर दीपिका व्रत खोलने की तैयारी करने लगी. लेकिन इस बीच विक्रम कहीं जाने लगा तो दीपिका को शक हुआ कि वह शेफाली के पास जा रहा है. शेफाली से विक्रम के संबंधों को ले कर दोनों में झगड़ा होने लगा.

इस के कुछ देर बाद रात करीब पौने 10 बजे सोसायटी के लोगों को तेज चीख के साथ किसी के ऊंचाई से गिरने की आवाज सुनाई दी. आवाज सुन कर सोसायटी के सिक्योरिटी वाले वहां पहुंच गए. कई फ्लैटों के परिवार भी आवाज सुन कर भूतल पर आ गए. वहां लोगों ने देखा कि एक महिला जमीन पर गिरी हुई थी.

सिक्योरिटी वालों के साथ सोसायटी के अन्य लोगों ने उस महिला को पहचान लिया. वह उसी बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर रहने वाली दीपिका थी. मतलब वह 8वीं मंजिल से गिरी थी. लोगों ने दीपिका की नब्ज देखी, लेकिन उस में जीवन के कोई लक्षण नजर नहीं आए. उस के दिल की धड़कन भी थम चुकी थी.

इस बीच दीपिका का पति विक्रम भी नीचे आ गया. वह दीपिका को देख कर उस से लिपट गया और रोते हुए कहने लगा, ‘‘दीपिका, तुम मुझे छोड़ कर क्यों चली गई?’’

सोसायटी के सिक्योरिटी वालों ने पुलिस को इस की सूचना दे दी. पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर ग्वाल पहाड़ी पुलिस चौकी इंचार्ज विनय कुमार मौके पर पहुंच गए.

पुलिस ने मौकामुआयना कर विक्रम से प्रारंभिक पूछताछ की और लाश पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दी. पुलिस ने इस बारे में रात को ही सोसायटी के कुछ लोगों से पूछताछ की.

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि विक्रम और दीपिका में कई महीनों से झगड़ा चल रहा था. झगड़े का कारण विक्रम के शेफाली से प्रेम संबंध थे. इसी बात को ले कर दोनों में अकसर झगड़ा होता था.

पुलिस ने विक्रम से पूछताछ की तो उस ने बताया कि आज वह औफिस में लेट हो गया था. दीपिका बारबार फोन कर रही थी. वह उस से जल्दी आने को कह रही थी पर वह औफिस से जल्द नहीं आ सका. जब वह घर पहुंचा तो इस बात को ले कर दीपिका उस से झगड़ा करने लगी. वह कह रही थी कि वह मायके जा रही है. दीपिका मायके जाने के लिए निकली तो वह उसे सीढि़यों के पास छोड़ने के लिए आया, तभी दीपिका ने गुस्से में बालकनी से नीचे छलांग लगा दी.

मामला संदिग्ध था, इसलिए पुलिस ने रात को ही दीपिका के मायके वालों को सूचना दे दी. उस दिन पुलिस की जांचपड़ताल में आधी रात से ज्यादा का समय बीत गया, इसलिए आगे की काररवाई और पोस्टमार्टम अगले दिन करना तय किया गया.

दीपिका के पिता हरिकिशन आहूजा चंडीगढ़ में रहते हैं. खबर सुनते ही वह अपने घरवालों के साथ 28 अक्तूबर को गुड़गांव पहुंच गए. आहूजा ने पुलिस को बताया कि दीपिका ने करीब 5 साल पहले सन 2013 में गुड़गांव के रहने वाले विक्रम सिंह चौहान से प्रेम विवाह किया था. शादी के समय दीपिका की नियुक्ति गुड़गांव में ही थी.

आहूजा ने पुलिस को बताया कि विक्रम के अंसल वैली की ही रहने वाली शेफाली नाम की किसी विवाहित महिला से प्रेम संबंध थे. दीपिका इस का विरोध करती थी तो विक्रम उस से मारपीट करता था. कई बार विक्रम अपनी उस महिला मित्र के घर चला जाता था. वह महिला भी विक्रम के फ्लैट पर आती रहती थी.

आहूजा ने आरोप लगाया कि करवाचौथ की रात दीपिका और उस के पति विक्रम के बीच उसी महिला को ले कर विवाद हुआ था. इस की जानकारी दीपिका ने उन्हें फोन कर के दी थी. इस दौरान गुस्से में विक्रम ने दीपिका को बालकनी से नीचे फेंक दिया. उन्होंने दीपिका के पति विक्रम सिंह चौहान के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी.

पुलिस ने दीपिका के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद लाश उस के परिजनों को सौंप दी. दीपिका का विसरा जांच के लिए विधिविज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि करवाचौथ के व्रत के कारण उस के पेट में अन्न का एक दाना नहीं गया था. भूख व प्यास की वजह से उस की अंतडि़यां सूखी हुई थीं. होंठों पर मोटी पपड़ी जम गई थी.

डीएलएफ फेज-1 थाना पुलिस ने आवश्यक जांचपड़ताल के बाद दीपिका के पति विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने 29 अक्तूबर को उसे अदालत में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया.

पुलिस ने जांचपड़ताल की तो यह बात सामने आई कि दीपिका को धक्का दे कर गिराया गया था. इस के कुछ चश्मदीद भी पुलिस को मिले. दूसरी ओर रिमांड के दौरान पूछताछ में विक्रम लगातार यही कहता रहा कि दीपिका ने खुद ही छलांग लगाई थी. अफेयर के बारे में विक्रम ने पुलिस को बताया कि शेफाली से केवल उस की जानपहचान थी. वह शादीशुदा महिला है.

पुलिस ने उस महिला के बारे में पता लगा कर उस से पूछताछ करने का फैसला किया. अपार्टमेंट के लोगों से महिला का पता मिल गया. पुलिस जब शेफाली के फ्लैट पर पहुंची तो पता चला, वह 6-7 महीने की गर्भवती है और फिलहाल अस्पताल में भरती है.

अस्पताल में शेफाली से पूछताछ संभव नहीं थी, इसलिए पुलिस ने अस्पताल से उसे छुट्टी मिलने का इंतजार किया. विक्रम की 2 दिन की रिमांड अवधि पूरी होने तक पुलिस उस से ऐसी कोई बात नहीं उगलवा सकी, जिस से यह साबित होता कि दीपिका की हत्या की गई थी.

इस दौरान पुलिस को कोई अन्य ठोस सबूत भी नहीं मिला. इस पर पुलिस ने 31 अक्तूबर को विक्रम को फिर अदालत में पेश कर 3 दिन का रिमांड मांगा. अदालत ने विक्रम का 2 दिन का रिमांड और बढ़ा दिया.

बाद में पुलिस ने विक्रम का मोबाइल और लैपटौप जब्त कर लिया. इन की जांच में पता चला कि विक्रम शेफाली के संपर्क में था. दोनों वाट्सऐप और कई सोशल साइट के जरिए चैटिंग करते थे.

ईमेल की जांच में गूगल ड्राइव पर दोनों के निजी फोटो और वीडियो भी पुलिस को मिले. इस बीच रिमांड अवधि पूरी होने पर पुलिस ने विक्रम को अदालत में पेश किया. अदालत ने उसे जेल भेज दिया.

दोनों की चैट हिस्ट्री और ईमेल में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने कई दिन की जांचपड़ताल के बाद 13 नवंबर, 2018 को विक्रम सिंह चौहान की 35 वर्षीय महिला मित्र शेफाली भसीन को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने शेफाली को दीपिका की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया. जरूरी पूछताछ और सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे भोंडसी जेल भेज दिया. पुलिस को जांच में पता चला कि गुड़गांव की अंसल वैली व्यू के उसी अपार्टमेंट में रहने वाली शेफाली शादीशुदा थी. वह पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद एक टीवी न्यूज चैनल में भी काम कर चुकी थी.

पुलिस की ओर से विक्रम और शेफाली से की गई पूछताछ और जुटाए गए सबूतों से दीपिका हत्याकांड की जो कहानी सामने आई, वह इस प्रकार है—

शेफाली ने अपने कालेज के बौयफ्रैंड से शादी की थी. वह अपने पति के साथ गुड़गांव की अंसल वैली व्यू में रहती थी. शेफाली का पति अमेरिका की एक कंपनी में काम करता था.

उस का पति अप्रैल 2015 में अंसल वैली का अपना दूसरा फ्लैट बेचना चाहता था. इसी सिलसिले में शेफाली की विक्रम सिंह चौहान से पहली बार मुलाकात हुई थी. बाद में उन की मुलाकातें बढ़ती गईं और उन के बीच दोस्ती हो गई.

विक्रम और शेफाली की मौर्निंग वाक पर अकसर रोजाना मुलाकातें होने लगीं. ये मुलाकातें और दोस्ती धीरेधीरे प्यार में बदल गई. विक्रम को जब भी मौका मिलता, वह शेफाली के फ्लैट पर चला जाता था. शेफाली भी विक्रम के फ्लैट पर आतीजाती थी.

विक्रम और शेफाली की प्रेम कहानी की जानकारी उस अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी हो गई थी. बाद में विक्रम की पत्नी दीपिका को भी इस बारे में पता चल गया. दीपिका ने इस बात का विरोध किया तो विक्रम को यह बात नागवार लगी. उस ने दीपिका से मारपीट की. यह दीपिका की मौत से करीब साल भर पहले की बात है.

पत्नी के बारबार समझाने के बाद भी विक्रम की आदतों में कोई सुधार नहीं आया. वह शेफाली के मोहपाश में बंधा रहा. दोनों के बीच संबंध बने रहे. दीपिका किसी भी तरह अपने पति और परिवार को टूटने से बचाना चाहती थी. इसलिए उस ने अपने परिवारजनों और ससुराल वालों से बात की. सभी ने विक्रम को बहुत समझाया लेकिन विक्रम ने सब की बातों को अनसुना कर दिया. वह अपनी करतूतों से बाज नहीं आया.

विक्रम और शेफाली की नजदीकियां कम होने के बजाय बढ़ती गई. अप्रैल, 2018 में दोनों 5 दिन के टूर पैकेज पर घूमने के लिए लेह-लद्दाख गए. इसी दौरान विक्रम और शेफाली ने आपस में शादी करने का फैसला कर लिया. लेकिन परेशानी यह थी कि दोनों ही शादीशुदा थे.

शेफाली ने विक्रम को विश्वास दिलाया कि वह अपने पति से तलाक लेने की बात कर लेगी, लेकिन विक्रम के लिए दीपिका के रहते हुए शेफाली से शादी करना मुश्किल था. इस के बाद दोनों ने इस बात पर विचार किया कि दीपिका से कैसे पीछा छुड़ाया जाए.

लेह-लद्दाख से लौटने के बाद विक्रम ने दीपिका से तलाक लेने की बात कही. लेकिन दीपिका ने इनकार कर दिया. इस पर दोनों के बीच झगड़े होने लगे. दीपिका ने अपने पति से तलाक लेने के बारे में अपनी मां से बात की, तो मां ने उसे पति के परमेश्वर होने की सीख दे कर चुप करा दिया.

दीपिका की मां को भरोसा था कि बेटी की कोशिशों से विक्रम का मन बदल जाएगा. दीपिका ने सासससुर से भी विक्रम के तलाक मांगने पर बात की. इस पर उन्होंने भी बेटे को कई बार समझाया, लेकिन विक्रम ने किसी की बात नहीं मानी.

इस बीच शेफाली ने पति को अपने अफेयर के बारे में बता दिया और उस से तलाक लेने की बात कही. इस पर शेफाली का पति तलाक देने पर सहमत हो गया. उस ने तलाक के पेपर भी तैयार करवा लिए थे.

दूसरी ओर दीपिका के तलाक न देने से विक्रम और शेफाली परेशान थे. दीपिका से पीछा छुड़ाने के लिए विक्रम उसे नैनीताल ले कर गया. उस की योजना थी कि नैनीताल में वह पहाड़ों पर घूमने के दौरान दीपिका को धक्का दे देगा.

इस तरह उस का दीपिका से पीछा छूट जाएगा. लेकिन दीपिका को खतरे का अहसास हो गया, इसलिए वह होटल के कमरे से बाहर नहीं निकली. वह पहाड़ों पर भी नहीं गई. विक्रम के साथ वह केवल बाजार जाने को तैयार हुई.

विक्रम और दीपिका के नैनीताल में रहने के दौरान भी शेफाली की विक्रम से सोशल मीडिया पर लगातार चैटिंग होती रही. इस में शेफाली विक्रम को दीपिका से छुटकारा पाने के लिए उकसाती रही. दीपिका के पहाड़ों पर चलने से इनकार करने पर विक्रम और दीपिका में झगड़ा हो गया था.

इस के बाद विक्रम पत्नी व बच्चों के साथ तीसरे दिन ही गुड़गांव वापस लौट आया. नैनीताल से लौटने से पहले विक्रम ने शेफाली को मैसेज भेज दिया था कि वह कहीं नहीं जा रही, इसलिए साइट सीन देखने का प्लान रद्द करना पड़ा है.

दीपिका और विक्रम के नैनीताल से गुड़गांव लौटने के दूसरे ही दिन करवाचौथ थी. करवाचौथ पर विक्रम के लिए दीपिका ने तो व्रत रखा ही था, विक्रम के लिए उस की प्रेमिका शेफाली ने भी व्रत किया था. करवाचौथ के दिन भी शेफाली ने विक्रम से दीपिका को मारने के संबंध में गूगल टाक के जरिए बात की थी. इस में शेफाली ने कहा, ‘‘कमीनी को बालकनी से नीचे फेंक दो.’’

उस दिन शाम को जब विक्रम औफिस से अपने फ्लैट पर आया तो उसे दीपिका के साथ मातापिता भी मिले. मातापिता ने भी उसे समझाया. लेकिन उस ने उन की बात नहीं मानी.

इस दौरान शेफाली का मैसेज विक्रम के मोबाइल पर फिर आया. इस में उस ने विक्रम को ताना मारते हुए कहा कि तुम लूजर हो. तुम से कुछ नहीं होगा. इस से विक्रम बौखला गया. उस ने दीपिका से उसी समय पीछा छुड़ाने का फैसला कर लिया.

रात करीब 9 बज कर 37 मिनट पर उस ने बाहर बालकनी में खड़ी दीपिका को आठवीं मंजिल से नीचे धक्का दे दिया. कहा जाता है कि इस दौरान विक्रम का भाई अमित भी उस के साथ था. दीपिका उस से विनती करती रही कि मुझे मत मारो, मैं अपने बच्चों से बेहद प्यार करती हूं.

धक्का देते समय दीपिका ने विक्रम के एक हाथ को कस कर पकड़ लिया था. लेकिन विक्रम ने अपना हाथ उस से छुड़ा लिया. इस से विक्रम की कलाई पर दीपिका के नाखूनों के निशान भी आ गए, जो बाद में मैडिकल जांच में सामने आए.

दीपिका ने अपने बचाव के लिए काफी हाथपैर मारे. उस ने अपने पैर बालकनी की रेलिंग में फंसा लिए, लेकिन विक्रम ने उस के पैरों को रेलिंग से खींच कर धक्का दे दिया.

दीपिका के नीचे गिरते ही विक्रम मदद के लिए चिल्लाता हुआ नीचे की तरफ भागा. जिस समय दीपिका को धक्का दिया गया था, उस समय दीपिका का दुधमुंहा बेटा और मासूम बेटी अपने कमरे में सो रहे थे.

पुलिस को जांचपड़ताल में दीपिका की हत्या में अमित के शामिल होने का भी पता चला है. पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि दीपिका को 8वीं मंजिल से फेंकने के दौरान अमित भी फ्लैट पर मौजूद था. अमित गुड़गांव में ही एक कंपनी में सौफ्टवेयर इंजीनियर है. अमित अंसल वैली में ही अपने मातापिता के साथ दूसरे फ्लैट में रहता है.

शेफाली की गिरफ्तारी के बाद वह फरार हो गया. कथा लिखे जाने तक पुलिस अमित को तलाश रही थी. अमित के पिता ने उस के विदेश जाने की बात पुलिस को बताई है, जबकि पुलिस का मानना है कि आरोपी अमित देश में ही कहीं छिपा हुआ है. पुलिस ने अमित की गिरफ्तारी के लिए हवाई अड्डों पर अलर्ट भेजा है.

गुड़गांव की जिला अदालत ने दीपिका की हत्या की सहआरोपी शेफाली को 25 नवंबर, 2018 को 2 महीने के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया. अदालत ने मैडिकल ग्राउंड पर शेफाली को यह राहत दी.

करीब 8 महीने की गर्भवती शेफाली ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा था कि डाक्टरों ने उस की प्रीमैच्योर डिलिवरी की आशंका जताई है. अदालत ने शेफाली की याचिका मंजूर करते हुए आदेश दिया कि इस 2 महीने के दौरान उसे देश से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी.

यह विडंबना रही कि दीपिका के लिए करवाचौथ का त्यौहार काल बन कर आया. जिस पति के लिए दीपिका ने करवाचौथ का व्रत रखा, उसी ने दूसरी मोहब्बत के लिए ब्याहता को मौत की नींद सुला दिया.

शेफाली ने विक्रम को हासिल करने के लिए भले ही दीपिका को मरवा दिया, लेकिन क्या वह कभी चैन की नींद सो पाएगी.

सामाजिक पतन की इंतहा में 2 मासूम बच्चों के सिर से मां का आंचल तो छिन ही गया, पिता का प्यार भी उन्हें नहीं मिल पाएगा. फिलहाल दोनों मासूम ननिहाल में हैं.

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