वह होली का दिन था जब सुबहसवेरे नितिन ने सुजाता से कहा था, ‘मां, मैं अन्नू के घर जा रहा हूं.’ ‘आज और अभी? क्या तुम्हारा अभी जाना ठीक रहेगा?’ सुजाता ने नितिन से पूछा.

‘हां, मां, अभी होली का हुड़दंग शुरू नहीं हुआ है, अभी रास्ते में परेशानी नहीं होगी,’ नितिन ने एक पुरानी कमीज पहनते हुए कहा.

Tags:
COMMENT