आभा और अमित जब शाम 5 बजे कालिज से लौटे तो अपने दरवाजे पर भीड़ देख कर घबरा गए. दोनों दौड़ कर गए तो देखा कि उन के पापा, लहूलुहान मम्मी को बांहों में भरे बिलखबिलख कर रो रहे हैं. दोनों बच्चे यह सब देख कर चकरा कर गिर पड़े. उन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. तब पत्नी को धरती पर लिटा कर अपने दोनों बच्चों को छाती से लगा कर वह भी आर्तनाद कर उठे. पड़ोसियों ने उन्हें संभाला, तब दोनों को ज्ञात हुआ कि घटना कैसे हुई.

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