‘हां मैं अत्तू को 7 साल से जानती थी और उस के साथ रिलेशनशिप में थी. लेकिन 7 साल में वह कुछ नहीं कर पाया. वह अपने कैरियर के प्रति लापरवाह था. मैं ने उसे कई बार समझाया, लेकिन वह स्टेबल नहीं हो पाया. इस वजह से एक साल से मैं ने उस से दूरियां बनानी शुरू कर दी थीं. मैं एक ऐसे आदमी से शादी नहीं करना चाहती थी, जो मेरी या परिवार की जिम्मेदारी न निभा पाए.’

बीती 4 जुलाई को प्रीति जब मीडिया से रूबरू हुई, तब उस का चेहरा हालांकि उतरा और निचुड़ा हुआ था, लेकिन इस के बावजूद वह यह जताने की कोशिश करती नजर आई कि अतुल लोखंडे उर्फ अत्तू की आत्महत्या में उस का या उस के पिता का कोई हाथ नहीं है.

मतलब उसे खुदकुशी के लिए उकसाया नहीं गया था. यह खुद अतुल का फैसला था, लेकिन जबरन उस के पिता का नाम बीच में घसीटा जा रहा है कि उन के कहने पर उस ने प्यार का सबूत देने के लिए आत्महत्या करने की कोशिश की. प्यार की यह दुखद कहानी भोपाल के शिवाजी नगर इलाके की है, जिसे शहर की सब से शांत और खूबसूरत जगहों में शुमार किया जाता है.

हबीबगंज रेलवे स्टेशन और व्यवसायिक इलाके एम.पी. नगर से महज डेढ़ किलोमीटर की दूर स्थित शिवाजी नगर में सरकारी आवासों की भरमार है. यह जगह शहर के वीआईपी इलाके चार इमली से भी सटी हुई है, जहां प्रदेश भर की दिग्गज हस्तियां रहती हैं.

शिवाजी नगर में रहने वाले नाम से कम अपने क्वार्टरों के टाइप और नंबरों से ज्यादा जाने जाते हैं. अगर आप अतुल लोखंडे के घर जाना चाहते हैं तो आप को 121 की लाइन ढूंढनी पड़ेगी. लेकिन अतुल लोखंडे को लोग नाम से भी जानते थे, क्योंकि वह भाजपा अरेरा मंडल के युवा मोर्चे का उपाध्यक्ष था.

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