कभी स्टेटस सिंबल, कभी प्रेम में असफलता, कभी पेरैंट्स का कम्युनिकेशन गैप तो कभी यारीदोस्ती के चलते युवा नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं. इस से जहां युवाओं में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पैदा हो रही हैं वहीं वे क्राइम की ओर भी उन्मुख हो रहे हैं. जरूरत है काउंसलिंग के जरिए युवाओं की दिनचर्या पटरी पर लाने की ताकि उन्हें इस लत से बचाया जा सके.

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