भारत में बच्चों की जनसंख्या विश्व के अन्य देशों की अपेक्षा सब से अधिक है. बचपन में शादी, किशोरावस्था में गर्भ, यौनशोषण, यौनसंक्रमण इत्यादि के चलते देश के स्कूलों में विद्यार्थियों को यौनशिक्षा भी दिए जाने की मांग गाहेबगाहे उठती रहती है. पेशे से वकील, गौतम रंगनाथन इन्हीं विषयों पर कार्य करते हैं. वे कहते हैं, ‘‘स्कूलों में व्यापक व विस्तारपूर्ण यौनशिक्षा होनी चाहिए जो बच्चों को सही जानकारी उपलब्ध कराए.’’

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