‘‘अगर आपको पता चले कि आप जिस विवाह समारोह में जा रहे हैं, वहां दहेज लिया गया है तो वैसे  विवाह में कतई नहीं जाएं. अगर किसी मजबूरी की वजह से वहां जाना पड़े तो जाएं लेकिन वहां खाना नहीं खाएं.’’ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आजकल हर सभाओं में यह बात जरूर कहते हैं. बिहार में शराबबंदी को खासी कामयाबी मिलने के बाद उन्होंने दहेजबंदी की पहल शुरू की है. दहेज के साथ ही बाल विवाह के खिलाफ भी उन्होंने मोर्चा खोल दिया है. नीतीश कहते हैं कि दहेज को रोकने की बात को ज्यादातार लोग नामुमकिन करार दे रहे हैं पर ऐसे लोगों को यह सोचना चाहिए कि शराब पर पाबंदी लगाने के बाद भी ऐसी ही दलीलें दी जा रही थी. अब यह हालत है कि बिहार में शराबबंदी को कामयाबी मिलने के बाद दूसरे राज्यों में भी शराब पर रोक लगाने की आवाजें बुलंद होने लगी हैं.

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