दीवाली के दौरान आप का कुत्ता डरा, सहमा, कांपता और भूंकता रह सकता है लेकिन त्योहार की मौजमस्ती के बीच अकसर लोग कुत्तों की परेशानियों को दरकिनार कर देते हैं. हालांकि, यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि कुत्तों और बिल्लियों की सुनने की ताकत ज्यादा होती है, इसलिए हम जिस आवाज को तेज समझते हैं वह उन के लिए और ज्यादा तेज तथा कई बार असहनीय होती है. इस के अलावा, कुत्ते तेज आवाज से होने वाले कंपन के प्रति भी संवेदनशील होते हैं. सो, दीवाली के मौके पर कुत्ते,

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