भेदभाव का दंश झेल रहे दलित समुदाय में इन दिनों विद्रोह का नया ट्रैंड दिखाई दे रहा है. पढ़ीलिखी नई दलित पीढ़ी सोशल मीडिया पर अपना आक्रोश व्यक्त करने के साथसाथ मंचों पर लाइव कार्यक्रमों में गीतों के माध्यम से विद्रोह के सुर तेज कर रही है. इन गीतों में स्वतंत्रता और अधिकारों के साथसाथ ललकार व एकता की गूंज भी सुनाई पड़ रही है. आजादी के समय लोगों में गीतों के माध्यम से देशभक्ति दिखाई दी थी, आज दलित समुदाय में गायकी के जरिए स्वतंत्रता, सम्मान हासिल करने का जनून नजर आ रहा है. यह नया तेवर देशभर के लाखों दलितों को बहुत भा रहा है और उन्हें एकजुट होने को प्रेरित कर रहा है. यूट्यूब पर कई दलित गायकों के हजारों समर्थक भेदभाव, छुआछूत, अत्याचार के खिलाफ खड़े दिखते हैं.

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