आज के दौर में जब सुरक्षा प्रश्नचिह्न बनती जा रही है और लोगों का अपनों पर से विश्वास उठता जा रहा है तो ऐसे में कुत्ते अपनी वफादारी के बलबूते खेत, घर और फार्महाउस के नए पहरेदार बन कर उभर रहे हैं.

किसी को गाली देनी हो तो उसे कुत्ता कह देना काफी है, हालांकि समाज में कुत्ते को वफादार माना व कहा जाता है. कुत्ते इंसानों की सुरक्षा ही नहीं, घरों, फार्म हाउसों, खेतखलिहानों, बागबगीचों की पहरेदारी भी बखूबी करते हैं. बुंदेलखंड के महोबा जिले का कालीपहाड़ी गांव पत्थरों और छोटीछोटी पहाडि़यों से घिरा है. खेत गांव से दूर स्थित हैं. लिहाजा, किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए कई तरह के इंतजाम करने होते हैं. रामदीन ने वहां अपने खेतों के चारों ओर बाड़ लगा  कर सब्जी की खेती की है. वह अपनी 10 बीघा जमीन पर सब्जी के अलावा गेहूं, चना और मूंग की खेती करता है. उस ने अपने खेत के एक हिस्से में कटहल, नीबू और आम के पेड़ भी लगाए हैं.

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