किसी भी लड़की के चेहरे पर तेजाब डालकर उसको बदसूरत बनाने का अपराध हत्या के अपराध से कम नहीं होता है. लड़की के जीवन पर उसका गहरा असर होता है. वह जीते जी मरने जैसी हो जाती है. कुछ साल पहले तक ऐसी लड़कियां डिप्रेशन का शिकार होकर जीने की ललक ही खो देती थी. अब समाज ने ऐसी लड़कियों के प्रति अपनी सोच का बदलना शुरू किया है. जिससे तेजाब की शिकार लडकियों में आत्मविश्वास बढ रहा है. लखनऊ में शीरोज नाम से एक रेस्त्रां एसिड से पीड़ित लड़कियां चला रही है.

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