कविता की इच्छा के विरुद्ध मीना आंटी उस के पिता की दूसरी पत्नी बन कर घर आ ही गईं. लेकिन उन्हें मां का स्थान देने को कविता हरगिज तैयार न थी. क्या मीना आंटी कविता के मन में अपने लिए सम्मान पैदा कर सकीं?
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