रवि उदास लहजे में बोला, ‘‘अरे, बहुत फेरा हो गया.’’

 

‘‘क्या फेरा हुआ?’’ मेनका ने पूछा.

 

‘‘कुछ रिश्तेदार आए थे शादी के लिए.

 

‘‘तुम्हारी शादी के लिए आए थे क्या?’’

 

‘‘अरे हां, उसी के लिए तो आए थे. तुम्हें कैसे मालूम हुआ?’’

 

‘‘अरे, मैं तुम्हारी एकएक चीज का पता करती रहती हूं.’’

 

‘‘अच्छा छोड़ो, मुझे कुछ उपाय बताओ. इस से छुटकारा कैसे मिलेगा? हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते. मांबाबूजी शादी करने के लिए अड़े हुए हैं. रिश्तेदार ले कर मामा आए हुए थे. हमें समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें? तुम्हीं कुछ उपाय निकालो.’’

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