कुंआरी सुबह हो जाएगी
दोशीजा रात ढल जाएगी
रुख से हटा दो परदा

मेरी तकदीर बदल जाएगी
कातिल नाजो अदाएं
लजीली शोख कटारी चितवन
रेशमी आंचल लहरा दो

रुत बसंती दहल जाएगी
तू इंतजार में अपने
पलट कर हाल तो देख ले मेरा
डाल दे निगाहे करम

शबनमी चाहत पिघल जाएगी
बर्फ सी चमक
शोलों की खूबसूरत लपक है तुझ में
सामने देख कर

तबीयत हर एक की मचल जाएगी
दहकते सुर्ख लबो रुखसार
कसमसाती यौवन कलियां
छू लिया जो तुम्हें तो

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