1961 में रिलीज हुई पहली भोजपुरी फिल्म ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’ से शुरू हुआ भोजपुरी फिल्मों का सफर लंबे संघर्ष के बाद आज एक खास मुकाम हासिल कर चुका है. यही वजह है कि बौलीवुड और साउथ इंडियन फिल्मों के असफल और निराश कलाकारों के लिए भोजपुरी फिल्म उद्योग सफलता का देसी फार्मूला बन कर उभरा है. पढि़ए राजेश कुमार का लेख.

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