उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर की रहने वाली अंजलि श्रीवास्तव 2011 में भोजपुरी फिल्मों में काम करने मुम्बई गई थी. 6 साल ही मेहनत और मशक्कत के बाद भी वह एक्टिंग के क्षेत्र में अपनी वह पहचान नहीं बना पाई जिसकी उसे दरकार थी. अंजलि के माता पिता उसे रोज फोन कर हालचाल लेते रहते थे. रविवार को जब उसका फोन नहीं उठा तो घर वालों ने अंजलि के मकान मालिक के फोन पर संपर्क किया. जिसके बाद मकान मालिक ने पुलिस की मदद से दरवाजा तोड़ कर कमरे में प्रवेश किया तो अंजलि का शव लटकता मिला. मुम्बई पुलिस के लिये चौंकाने वाली बात यह है कि अंजलि ने कोई सुसाइड लेटर नहीं छोड़ा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह तय हो पायेगा कि अंजलि की मौत की वजह क्या थी?

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