राजनीति में धर्म और संप्रदायवाद की सत्ता भले ही कोई नई बात न हो लेकिन दशकों तक कम्युनिस्टों की सियासत के गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में इन दिनों सियासी बाजार में यह मुद्दा गरम है कि ज्यादातर पार्टियों में उच्चवर्णों के नेताओं का कब्जा है. वर्ग संघर्ष के आदर्शों वाली पार्टी के नेता के इन विद्रोही तेवरों से सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा, जानने के लिए पढि़ए यह विश्लेषणात्मक लेख.

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