जितना जटिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वभाव है उतनी ही सरल उनकी पत्नी जसोदाबेन हैं. एकदम परंपरावादी समझौतावादी और सहज महिला जो बिना किसी लागलपेट के अपनी बात कहती हैं. उनके पास हर एक मुद्दे पर एक स्पष्ट निष्कर्ष है जिससे असहमत होने जिस अध्ययन और ज्ञान या तर्कों की जरूरत होनी चाहिए वे आमतौर पर उनसे मिलने वालों के पास नहीं होते. लोग एक जिज्ञासा लिए उनसे मिलते हैं और एक आस्था लेकर उनसे विदा होते हैं. चेहरे से भले ही सहज हों पर जसोदाबेन ढृढ व्यक्तित्व वाली महिला हैं जिनके सामने आप यह पूछना निरर्थक महसूसने लगते हैं कि मोदी जी ने आपको क्यों छोड़ा था और अब आप उनसे अपने अधिकार क्यों नहीं मांगती, हालांकि बहुत पहले वे स्पष्ट कर चुकी हैं कि वे बुलाएंगे तो मैं पीएम हाउस रहने चली जाऊंगी पर वे यह कभी नहीं कहतीं कि मैं अपने मन से बिना बुलाये भी जा सकती हूं.

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