हमारा देश आस्थावानों का देश है, जिसमें तर्क करने और सवाल पूछने की मुमानियत है, भगवान है यह लोगों ने मान लिया है, मस्तिष्क रेखा गुरु पर्वत की तरफ जाये तो जातक भाग्यवान होता है, जन्मकुंडली के सप्तम भाव मे मंगल हो तो कन्या के विवाह में अडचने आती हैं, यह और ऐसी हजारों बेसरपैर की बातें हमारी रोजमरराई ज़िंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं, जिन पर तर्क या सवाल करो तो पंडे तिलमिला उठते हैं, क्योंकि उनकी दुकानदारी खतरे में पड़ने लगती है. सीधे सीधे पूछने वाला नहीं मानता, तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगता है और इस पर भी उसके मन में श्रद्धा उत्पन्न न हो तो उसे नर्क पहुंचाने का भी इंतजाम कभी कभी कर दिया जाता है.

COMMENT