भारतीय जनता पार्टी की नजर में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल की इमेज किसी मसखरे नेता जैसी है. देश के सब से बडे़ प्रदेश में 5 साल मुख्यमंत्री की कुरसी संभालने वाले अखिलेश यादव को भाजपा ने कभी पूरा मुख्यमंत्री ही नहीं माना. चुनावी रणनीति में इन तीनों ने अब भाजपा के सामने चुनौतियों के पहाड़ खडे़ कर दिए हैं. इस से भाजपा के त्रिलोक विजयी की छवि दांव पर लग गई है. अपनी छवि को बचाने के लिए भाजपा ने परिवारवाद से ले कर दलबदल की नीतियों तक को अपना लिया है. इस से भाजपा को अपने अंदर से ही चुनौती मिलने लगी.  

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