दलितों में बहुत सारी जातियां अगड़ों की ही तरह पूजापाठ और धार्मिक कर्मकांड करती हैं. बहुजन समाज पार्टी ने राजनीति में दखल बढ़ाने के बाद धार्मिक कर्मकांड, रूढिवादिता के खिलाफ अपनी लड़ाई को छोड़ दिया है. ऐसे में अब दलित जातियां भी धार्मिक रूप से मुसलिमों के खिलाफ खड़ी हो जाती हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा ने चुनाव को धार्मिक धुव्रीकरण का रंग दिया तो भाजपा के विरोधी सभी दलों ने मुसलिम आरक्षण को लेकर अपनी आवाज को बुलंद किया. ऐसे में भाजपा के पक्ष में हिन्दू मतों का धुव्रीकरण हो गया.

COMMENT