भाभी जी घर पर हैं, टीवी धारावाहिक कथित रूप से अश्लील और फूहड़ माना जाने के बाद भी दर्शकों की पसंद है क्योंकि इस की कामेडी में समाज का सच बौद्धिक रूप से परोसा जाता है. इस धारावाहिक के दो पात्र टीका और मलखान निट्ठले और आवारा हैं जो गुप्ता टी स्टाल पर बैठे बैठे आती जाती लड़कियां छेड़ा करते हैं. ये दोनों कविता नहीं कर पाते, इसलिए फिल्मी गाने गाया करते हैं. दोनों लड़कियों को देवी या माते नहीं कहते, बल्कि उन्हें आइटम, पटाखा या माल जैसे चलताऊ संबोधनों से नवाजते अपनी कुंठा व्यक्त करते रहते हैं, जिस पर दर्शक खूब हंसते हैं.

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