समाजवादी पार्टी 3 हिस्सों में बंट चुकी है. हर हिस्सा अलग अलग राह पर चलने की योजना में है. पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव पूरी तरह से बेबस हो चुके हैं. ऐसे में पूरी समाजवादी विचारधारा खत्म होने के कगार पर पहुंच चुकी है. कुर्सी से उतरने के बाद अखिलेश यादव पार्टी के सर्वमान्य नेता नहीं रहे हैं. ऐसे में सपा के लिये अपने वजूद को बचाये रखना बड़ी चुनौती है. सामान्य तौर पर देखें तो समाजवादी पार्टी पर अखिलेश यादव का कब्जा है. अब उनको घर से खुलकर चुनौती मिलने लगी है. मुलायम की दूसरी बहू अपर्णा यादव और पु़त्र प्रतीक यादव अब भाजपा के करीब जा रहे हैं. अपर्णा यादव ने अपनी हार के लिये पार्टी में हुये भीतरघात को जिम्मेदार माना है.

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