मोदी का शुद्धियज्ञ, अनुयायियों की अंधभक्ति

मोदी के नोटबंदी वाले शुद्धियज्ञ में भ्रष्टाचारी, बेईमान, कालेधन के मालिक भी साफसाफ बच निकले. फिर भी अंधभक्त व अनुयायी हैं कि समझने को तैयार नहीं.

जगदीश पंवार | January 31, 2017

दीवाली के तुरंत बाद हमारा देश ऐतिहासिक शुद्धियज्ञ का गवाह बना है. सवा सौ करोड़ देशवासियों के धैर्य और संकल्पशक्ति से चला यह शुद्धियज्ञ आने वाले अनेक वर्षों तक देश की दिशा निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगा. हमारे राष्ट्र जीवन और समाज जीवन में भ्रष्टाचार, कालाधन, जाली नोटों के जाल ने ईमानदार को भी घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया था. उस का मन स्वीकार नहीं करता था, पर उसे परिस्थितियों को सहन करना पड़ता था, स्वीकार करना पड़ता था. दीवाली के बाद की घटनाओं से सिद्ध हो चुका है कि करोड़ों देशवासी ऐसी घुटन से मुक्ति के अवसर की तलाश कर रहे थे.  

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सरकारों की मनमानी

70 साल के लोकतांत्रिक शासन और उस से पहले अंगरेज शासन में भी आधेअधूरे वोट से चुने गए प्रतिनिधियों के सीमित शासन के आदी होने के बावजूद इस नोटबंदी पर देश कुछ न कर पाया.

January 10, 2017

नरेंद्र मोदी की नोटबंदी ने यह साफ कर दिया है कि हमारा लोकतांत्रिक अधिकार वास्तव में कितना कमजोर है. 70 साल के लोकतांत्रिक शासन और उस से पहले अंगरेज शासन में भी आधेअधूरे वोट से चुने गए प्रतिनिधियों के सीमित शासन के आदी होने के बावजूद इस नोटबंदी पर देश कुछ न कर पाया. संसद में विरोधी पक्ष अपनी बात न कह पाया, लोग सड़कों पर लाइनों में लगे रहे, पर गुस्सा न जाहिर कर पाए.

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