बिहार में ताड़ी पर सियासत का नशा बढ़ता ही जा रहा है. लोजपा सुप्रीमो राम विलास पासवान और सूबे के मुख्यमंत्री रहे जीतनराम मांझी ताड़ी उतारने और इसका धंधा करने वालों के पक्ष में खड़े हो गए हैं और ताड़ी पीने के फायदे गिना रहे हैं. उनका दावा है कि ताड़ी शराब नहीं बल्कि जूस है. आंखों की रोशनी कम होने पर डाक्टर ताड़ी पीने की सलाह देते हैं. गौरतलब है कि पिछले 5 अप्रैल से बिहार में देसी और विदेशी शराब के साथ ताड़ी पर भी पूरी तरह से पाबंदी है. राज्य में प्रति व्यक्ति प्रति सप्ताह ताड़ी की खपत 266 मिलीलीटर है.

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