होली रंगों का त्योहार है. रंग सूखे हों या गीले, उन्हें लगाए बिना होली अधूरी है. आप रंगों से अपना चेहरा रंगवाएं या दूसरे के चेहरे पर रंग लगाएं, इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि इस से आंखों को नुकसान न पहुंचे.

इन दिनों सिंथैटिक रंगों से होली खेली जाती है. इन में घातक रसायन होते हैं जो आंखों में जाने से गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकते हैं और होली का सारा मजा किरकिरा हो सकता है. कईर् बार आंखों में रंगगुलाल चले जाने से उन में इतनी तीव्र जलन होती है कि ऐसा लगता है जैसे कुछ समय के लिए अंधे ही हो गए. आंखें खुलने का नाम नहीं लेतीं. वे लाल सुर्ख हो जाती हैं और सूज भी सकती हैं.

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