पौष्टिक खाना स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा होता है. भोजन की अस्वास्थ्यकर आदतों का असर मोटापा, शुगर, हाई ब्लडप्रैशर और दूसरी पुरानी बीमारियों पर पड़ता है. भोजन के स्मार्ट चयन से खुद को इन स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है. जब पौष्टिक भोजन को आधार बना कर विचार किया जाता है तो स्वस्थ आहार बनाना मुश्किल काम नहीं है. पौष्टिक खाना तैयार करने का पहला कदम है स्वस्थ सामग्री का चयन.

भोजन को स्वास्थ्यकर बनाने के यों तो कई तरीके हैं लेकिन यहां आप कुछ मुख्य तरीकों से रूबरू होइए-

फैट कम करें : भोजन तैयार करने के लिए सामग्री को फ्राई करने के बजाय भूनना, बेक करना या ग्रिल करना चाहिए. डीपफ्राई करने के बजाय अच्छे नौनस्टिक पैन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहिए. मक्खन, घी और क्रीम जैसे संतृप्त वसा की जगह जैतून का तेल, कैनोला तेल जैसे पौली और मोनो असंतृप्त वसा का इस्तेमाल करें. जितना रैसिपी में लिखा है उस से कम का इस्तेमाल करें. यदि आप का व्यंजन सूख रहा है तो तेल नहीं, थोड़ा पानी डालें. तेल छोड़ने से भोजन में से प्रति चम्मच (टी स्पून) 45 कैलोरी कम हो जाती है. अपनी रसोई को कम वसा युक्त भोजन से लैस करें, जैसे स्टीमर अतिरिक्त वसा के बिना सब्जियों के स्वाद और पोषक तत्त्वों को बरकरार रखने में मदद करता है. नौनस्टिक बरतन भी वसा को कम करने में मदद करते हैं. माइक्रोवेव बिना वसा के जल्दी खाना पकाने का अच्छा जरिया है.

नमक कम करें : नमक के बहुत ज्यादा इस्तेमाल को बढ़ावा न दें. नमक को कालीमिर्च, नीबू का रस, सिरका, औषधि (हर्ब्स) जैसी सीजनिंग चीजों के साथ बदलें. इस से नमक के सेवन को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.

साबुत अनाज चुनें : साबुत अनाज फाइबर, विटामिन बी और जिंक, लौह, मैग्नीशियम, मैग्नीज जैसे कई खनिजों के अच्छे स्रोत हैं. सो, साबुत अनाज के साथ व्यंजन बनाने से स्वस्थ आहार तैयार होगा.

सब्जियों को बहुत ज्यादा न पकाएं : हरी पत्तेदार सब्जियों को नीबू या इमली जैसे एसिड के साथ नहीं पकाना चाहिए. भोजन को तेज आंच के बजाय धीमी आंच पर पकाना चाहिए. धीमी आंच पर पकाने से उस में पोषक तत्त्व बने रहते हैं.

फाइबर बढ़ाएं : मौसमी सब्जियों के सलाद के इस्तेमाल को बढ़ावा दें. यह पोषण के साथ अच्छा स्वाद भी देता है. रैसिपी में फाइबर की सामग्री को बढ़ाने के लिए चावल, पास्ता और रोटी के ब्राउन विकल्पों का इस्तेमाल करें, जो लंबे समय तक भरपेट महसूस करने में मदद करते हैं.

पनीर और मेयोनीज : सलाद में मेयोनीज की जगह दही का इस्तेमाल करें. पनीरचीज के टुकड़े करने के बजाय कसें. ऐसा करने से यह ज्यादा आसानी से पकवान पर फैलता है और इस का इस्स्ेमाल कम मात्रा में किया जा सकता है.

मांस : यदि आप कीमा मांस ब्राउन पका रहे हैं तो उस में दूसरी चीजों को मिलाने से पहले चरबी को पूरी तरह से हटा दें. इसे फ्राइ करने के बजाय बेक करें, ग्रिल करें, माइक्रोवेव में पकाएं या भूनें.

अंडे के सफेद भाग का प्रयोग करें : किसी भी रैसिपी में एक अंडे के स्थान पर 2 अंडों के सफेद भाग का इस्तेमाल करें, यह ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक होता है.

बड़े टुकड़े करें और तुरंत पकाएं : सब्जियों को छोटे टुकड़ों में काटने और खाना पकाने से पहले उन्हें हवा में फैलाने से विटामिन, खासतौर से विटामिन बी और सी का नुकसान हो सकता है. इसलिए जरूरी पोषक तत्त्वों के नुकसान को रोकने के लिए इन्हें बड़े हिस्सों में काटें और तुरंत पका लें.

बारबार गरम न करें : तेल और वसा को बारबार गरम नहीं करना चाहिए. बारबार गरम करने से तेल में ट्रांसफैटी एसिड और कुछ जहरीले पदार्थ बन जाते हैं.

इस प्रकार, स्वस्थ भोजन पकाना अच्छी स्वस्थ सामग्री के साथ शुरू होता है जिसे हम भोजन करने के लिए चुनते हैं. आशा करते हैं कि आप स्वस्थ भोजन तैयार करेेंगे और स्वस्थ रहेंगे.

:तनु अरोरा, क्लिनिकल न्यूटी्रशियन, आकाश हैल्थकेयर सुपर स्पैशलिटी हौस्पिटल

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