मृतक के हाथ में एक छोटा सा फटेचिटे कपड़े का टुकड़ा था, जिस पर लिखा हुआ था, ‘दहेज उत्पीड़न के आरोप को सह न पाने के कारण मजबूरन मुझे यह रास्ता अख्तियार करना पड़ा.’ आत्महत्या करने वाले इस शख्स का नाम था प्रयाग सिंह. 1983 में घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को ढाल के रूप में 498ए कानून सौंपा गया था. आज ज्यादातर मामलों में यह ढाल अब एक धारदार हथियार के रूप में तबदील हो चुकी है.

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