अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के तीन दिवसीय दौरे ने भारतअमेरिकी रिश्तों को नई ताजगी दी है. इस दौरे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीना और भी चौड़ा हो गया है क्योंकि उन का रुतबा और कूटनीतिक प्रभाव भी बढ़ा है, देश को राजनीतिक फायदा भी होगा. दोनों देशों के बीच हुए आपसी करारों से होने वाले नफानुकसान को ले कर बहस चल पड़ी है. विरोधियों, खासतौर से वामपंथी परमाणु, व्यापार, जलवायु परिवर्तन जैसे समझौतों को ले कर मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि ये गरीबों पर भारी पड़ेंगे पर भाजपा और कौर्पोरेट जगत में खुशी की लहर है. अमेरिकाभारत की बढ़ती नजदीकी पड़ोसी पाकिस्तान और चीन को रास नहीं आ रही है.

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