आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मल्टीटास्कर होना सफलता का मानदंड बनता जा रहा है. लेकिन मल्टीटास्किंग के भी हैं कई साइड इफैक्ट्स. बिना साइडइफैक्ट्स के कैसे बनें मल्टीटास्कर, जानकारी दे रही हैं सोमा घोष.

एक कंपनी में कार्यरत 25 वर्षीया नम्रता अपनी भूलने की आदत से  परेशान है. उसे हर वक्त डर लगा रहता है कि कहीं वह बौस के दिए किसी निर्देश को भूल तो नहीं रही, जिस से उस की नौकरी को खतरा हो. डाक्टरों का कहना है कि मैमोरी लौस की वजह कई हैं, जैसे उम्र का बढ़ना, बचपन में कोई चोट लगना, पैदाइशी कोई समस्या होना, थाइरायड की बीमारी या कोई दूसरा डिफैक्ट लेकिन आजकल 25 से 45 वर्ष के लोगों में भी मैमोरी लौस के लक्षण दिखाई देने लगे हैं. इस की वजह यह है कि लोग अपने मस्तिष्क को प्रशिक्षित नहीं कर पा रहे हैं. आजकल अधिकतर लोग गैजेट्स के सहारे किसी भी बात को याद रखने के आदी हो चुके हैं. कुछ लोग ऐसे भी मिलेंगे जिन्हें अपना मोबाइल नंबर तक याद नहीं रहता.

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