इन दिनों शौचालय का चिंतन चहुंओर चलायमान है. मदारी से ले कर मंत्री तक हर कोई अपनेअपने ढंग से शौचालय पर बोल रहा है. दूरदर्शी दुलहनों ने तो अपनी बरातें तक इसलिए धड़ाधड़ लौटा दीं कि उन की होने वाली ससुराल में शौचालय की व्यवस्था नहीं थी. शौचालय की सोच के कारण अब समाज में किस प्रकार के दृश्य देखने को मिलेंगे, आइए होते हैं रूबरू-

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