पाजी दिल की कहूं तो जब से मैं अपनी बीवी के साथ इस जन्म के वैवाहिक बंधन में बंधा हूं तब से मैं ने उस की नाक बहती ही देखी, उसे खांसते ही देखा. घर में जितना घी तड़के को नहीं लगा होगा उस से अधिक विक्स वह अपने नाक में मल चुकी है. मैं जितना अपनी बीवी से परेशान नहीं उस से अधिक उस के विक्स से परेशान हूं. कई बार सोचता हूं कि अगर यह विक्स का दुरुपयोग न करती तो विक्स बनाने वाली कंपनी कब की बंद हो चुकी होती.

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