रामजस एक बार संगीत सुनने गए थे. असल में जाने का उन का जरा भी मन नहीं था, लेकिन पड़ोसियों ने ऐसा दबाव डाला कि वे टाल नहीं सके. पड़ोसियों ने कहा, टिकट भी हम ले लेंगे मगर चलो. जिंदगी में एक बार तो संगीत सुन लो. कितना बड़ा कलाकार आया है अपने गांव में. बारबार नहीं मिलते ऐसे मौके.रामजस ने बहुत कहा कि मुझे कुछ लेनादेना नहीं है शास्त्रीय संगीत से. क्या शास्त्रीय और क्या संगीत. मैं मजे में हूं. घर और खेत में ही मेरा सारा दिन गुजर जाता है. शाम को ताश की एकाध बाजी हो जाती है. आज भी तुम लोगों के इंतजार में बैठा था और पता नहीं तुम लोग कहां से ये शास्त्रीय संगीत उठा लाए. लेकिन उन की एक न चली. जाना ही पड़ा. घसीटते हुए वे गए पड़ोसियों के साथ.

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