आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी भारत की सीमित ओवरों के कप्तान के रूप में जरूरत से ज्यादा समय तक बने रह गये हैं और इसका भारतीय टीम पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है.

चैपल ने कहा है, कप्तानों का प्रभाव कुछ निश्चित समय तक होता है जिसके बाद टीम के प्रदर्शन पर उनका प्रभाव खत्म हो जाता है और और उनकी उपस्थिति से टीम को नुकसान पहुंचता है. महेंद्र सिंह धोनी इस स्थिति में कुछ समय पहले पहुंच गये थे. वर्तमान भारतीय टीम को नये विचारों और उत्साह की सख्त जरूरत है. जब विरोधी टीम चार वनडे पारियों में लगभग 1300 रन बना रही हो तो इसके लिये केवल सपाट पिचों और लचर गेंदबाजी को ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.

उन्होंने कहा, मनुका ओवल में जहां उन्होंने रविंद्र जडेजा को मिशेल मार्श पर हावी होने के लिये कहा, तो उसे छोड़कर धोनी अपने गेंदबाजों को खास प्रेरित नहीं कर पाये. यह सही है कि वे अच्छी गेंदबाजी नहीं कर पाये लेकिन गेंदबाज क्षेत्ररक्षण की सजावट से भी प्रेरित नहीं थे.

चैपल का मानना है कि भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली टीम में नया जोश ला सकते हैं जैसा कि वह लंबी अवधि के प्रारूप में साबित कर चुके हैं. उन्होंने कहा, ऐसा नहीं है कि भारत के पास विकल्प नहीं है. विराट कोहली ने खुद को आक्रामक कप्तान साबित कर दिया है और वह बल्लेबाजी में भी शानदार फार्म में है.

चैपल ने कहा, जब धोनी ने शुरूआत की थी तो वह सभी प्रारूपों में बेहद चतुर कप्तान थे और उन्हें खूब सफलताएं मिली. लेकिन जब कोई कप्तान अपने समय से अधिक पद पर बना रहता है तो उसका टीम पर गलत प्रभाव पड़ता है.

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