समय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अनेक परिवर्तन हुए हैं. वर्तमान में शुरुआती शिक्षा में अक्षर ज्ञान को रटने के स्थान पर क्रियात्मक तथा भावात्मक विकास से जोड़ा गया है. अब बच्चे खेलखेल में पढ़ते हैं. विषयों को रुचि कर बनाने के उद्देश्य से उन का बारबार अभ्यास करने के बजाय अनेक प्रकार की मनोरंजक वर्कशीट्स तैयार की जाती हैं. आज गूगल, यूट्यूब आदि पर सभी विषयों के एक से बढ़ कर एक ट्यूटोरियल उपलब्ध हैं. ऐसे समय में छात्रों को कक्षा में दिया जाने वाला होमवर्क अपनी अहमियत खोता जा रहा है. बावजूद इस के हम होमवर्क का महत्त्व नकार नहीं सकते. होमवर्क करने से किशोरों को स्कूल में पढ़ाया गया पाठ याद हो जाता है और उन में पढ़ाई के प्रति रुचि भी जाग्रत होती है.

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