बचपन और बचपना आज है कहां? चैनल, इंटरनैट के मकड़जाल में आज के जमाने के बच्चे समय से पहले ही काफी बड़े हो जाते हैं. खाना खिलाने के लिए आज की मम्मियों के पास बच्चे के पीछे भागदौड़ करने का समय नहीं है. बच्चा चुपचाप बैठ कर एक जगह खाना खा ले, इस के लिए वे बच्चे का मनपसंद चैनल लगा कर थाली परोस कर दे देती हैं. या फिर कुछ मम्मियां अपनी मनपसंद सीरियल लगा कर बच्चों को खिलाने बैठ जाती हैं. पर हर टीवी सीरियल में सासबहू का टंटा, संयुक्त परिवार का षड्यंत्र, राजनीतिक प्रपंच के अलावा पतिपत्नी के साथ ‘वो’ की उपस्थिति आदि ही होते हैं.

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